सनातन न्यूज़
- 13-Oct-2025
- By : Reporter
धार्मिक त्यौहार आयोजन में फूहड़ता खत्म करने के लिए सभी हिंदू समाज एकजुट होकर आगे आए - नीलकंठ महाराज
सनातन धर्म में अनेकों जातियां है सब के अपने अपने धार्मिक आयोजन है। जो कि एक साधना और भक्त से भगवान का मिलन का समय होता है। आज के युग में हमने अपने त्योहारों को फूहड़ता और मनोरंजन का स्थान बना के रख दिए है। आज के समय में यह एक चिंता का विषय है।
श्री नीलकंठ सेवा संस्था छत्तीसगढ़ के संस्थापक एवं धर्म संसद आयोजक पंडित नीलकंठ त्रिपाठी महाराज जी ने सभी हिंदू धर्म के सामाजिक संगठन से आग्रह किया है कि अपने त्यौहार को बचाने के लिए सब एकजुट होकर आगे आए।
नवरात्रि= नौ दिन माता रानी की साधना करने का सबसे पवित्र दिवस रहता है इस समय भक्त माता को खुश करने के लिए कितने जतन साधना करते थे आज हम उसे भी मनोरंजन का स्थान बना के रख
“हिंदू धर्म के सभी जाति के सामाजिक संगठन आगे आए.”
दिए है।
गरबा= नवरात्रि में हमारे समाज की माताएं बहने गरबा करती है जो कि शक्ति का प्रतीक है गुजरात से निकल कर पूरे देश में फैला है जिसे अब फूहड़ता और मनोरंजन में लेने लगे है अश्लील गाने छोटे कपड़े पहन कर आने से हमारे पवित्र त्यौहार खत्म होते जा रहे है
गणेश चतुर्थी= गणेश चतुर्थी में भी हम गणेश भगवान के वास्तविक स्वरूप को हटा कर कार्टून नुमा AI मूर्ति बैठाई गई हम अपने ही देवी देवता का मजाक बना रखे है जिसके कारण हमारी आने वाली पीढ़ी भगवान के वास्तविक स्वरूप को भूल जाएगी।
सभी हिंदू समाज के लोग आगे आकर एकजुट होकर अपने त्यौहार को फूहड़ता और मनोरंजन का स्थान बनने से बचाए। हमे अपने ही परिवार से यह चालू करना होगा परिवार के सदस्यों को त्यौहार का महत्व बताना होगा।

